RBI New Notes Rules – RBI ने हाल ही में 10, 20, 100 और 500 रुपये के नोटों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका उद्देश्य नकली नोटों पर लगाम लगाना और करेंसी सर्कुलेशन को और सुरक्षित बनाना है। नई गाइडलाइंस के तहत इन नोटों में सुरक्षा फीचर्स को अपग्रेड करने, पहचान को आसान बनाने और बैंकिंग सिस्टम में नकदी प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने नोट चलन में बने रहेंगे, लेकिन धीरे-धीरे नए सुरक्षा फीचर्स वाले नोटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन बदलावों का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को यह होगा कि नकली नोटों की पहचान आसान होगी और लेन-देन में धोखाधड़ी की संभावनाएं कम होंगी।

नई गाइडलाइंस का उद्देश्य
आरबीआई द्वारा जारी इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य करेंसी की सुरक्षा को बढ़ाना और नकली नोटों के प्रसार को रोकना है। हाल ही में कई राज्यों में नकली नोटों के बड़े मामले सामने आए हैं, जिसके बाद आरबीआई ने नोटों में सुरक्षा फीचर्स को अपग्रेड करने पर विशेष ध्यान दिया है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, 10, 20, 100 और 500 रुपये के नोटों में माइक्रो टेक्स्ट, वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और इंटैग्लियो प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकें और ज्यादा प्रभावी रूप में शामिल की जाएंगी। इससे नोटों की मशीनों द्वारा पहचान बेहतर होगी और आम नागरिक भी आसानी से असली और नकली नोटों में अंतर कर सकेंगे।
बैंकों और एटीएम के लिए नए निर्देश
नई गाइडलाइंस के तहत आरबीआई ने बैंकों और एटीएम ऑपरेटरों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी करेंसी सॉर्टिंग मशीनें नए सुरक्षा फीचर्स वाले नोटों को पहचानने में सक्षम हों। इसके अलावा, एटीएम में डाले जाने वाले सभी नोटों की पहले मशीन से वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। इस कदम से गलत, फटे या नकली नोटों की एटीएम के माध्यम से सप्लाई रोकी जा सकेगी। आरबीआई ने यह भी कहा है कि कैश वैन और कैश मैनेजमेंट कंपनियों को भी अपडेटेड मशीनरी का उपयोग करना होगा। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों को नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। इससे करेंसी सर्कुलेशन अधिक सुरक्षित बनेगा और बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
इन नए नियमों का सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा पर पड़ेगा। अब जब नोटों में बेहतर सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं, तब नकली नोटों के चलन की संभावना काफी कम हो जाएगी। लोग आसानी से नोटों की पहचान कर सकेंगे और धोखाधड़ी की आशंका घटेगी। इसके अलावा, बैंक और एटीएम मशीनों के अपडेट होने से लेन-देन तेज़ और सुरक्षित होंगे। यदि किसी व्यक्ति को पुराने या क्षतिग्रस्त नोट मिलते हैं, तो वह बिना परेशानी बैंक में बदलवा सकेगा क्योंकि नए नियमों में इन नोटों की पहचान और प्रोसेसिंग को और सरल बनाया गया है। कुल मिलाकर, ये बदलाव आम जनता के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।
नकली नोटों पर काबू पाने में कैसे मदद मिलेगी?
नई गाइडलाइंस नकली नोटों के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्नत सुरक्षा फीचर्स के कारण नकली नोटों की कॉपी तैयार करना पहले से कहीं अधिक मुश्किल होगा। बैंकिंग सिस्टम में भी हर नोट की मशीन द्वारा स्कैनिंग अनिवार्य होने से नकली नोट तुरंत पकड़ में आ जाएंगे। सरकार और आरबीआई लगातार ऐसे मामलों की मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। कैश ट्रांजेक्शन में पारदर्शिता बढ़ने से वित्तीय अपराधों पर भी अंकुश लगेगा। इन नई तकनीकों के चलते देश की अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह और समर्थ होगा और लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
