New Rent Act 2025 से घर किराए पर देने का नियम बदला – जानें कौन से 5 नए कानून किराएदारों के पक्ष में हैं

New Rent Act 2025 – नई रेंट एक्ट 2025 (New Rent Act 2025) ने घर किराए पर देने और किराएदारों के अधिकारों में बड़े बदलाव किए हैं। अब घर मालिक और किराएदार के बीच संबंध अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाए गए हैं। इस नए कानून के तहत किराएदारों को अधिक सुरक्षा और सुविधा मिलेगी, जिससे वे अचानक बेदखली या अतिरिक्त किराया बढ़ोतरी जैसी समस्याओं से बच सकेंगे। कानून के पांच मुख्य बदलाव विशेष रूप से किराएदारों के पक्ष में हैं, जिनमें किराया नियंत्रण, नियमित अनुबंध नवीनीकरण, सुरक्षा जमा की शर्तें, किराएदार की शिकायत निवारण प्रणाली और किराएदार की बहाली के अधिकार शामिल हैं।

New Rent Act 2025
New Rent Act 2025

किराएदारों के लिए किराया नियंत्रण की नई व्यवस्था

New Rent Act 2025 के तहत किराएदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक किराया नियंत्रण है। अब घर मालिक किराया अचानक बढ़ाने में सक्षम नहीं होंगे। नए नियमों के अनुसार किराएदारों का किराया वार्षिक आधार पर सीमित वृद्धि के अनुसार ही बढ़ाया जा सकेगा, जिससे वित्तीय बोझ कम होगा। इसके अलावा, किराएदारों को अनुबंध में तय सीमा के बाहर किसी भी अतिरिक्त शुल्क या अप्रत्याशित खर्च से सुरक्षा मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम किराएदारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा और उन्हें लंबे समय तक स्थायी आवास सुनिश्चित करने में मदद करेगा। इससे किराएदारों और मकान मालिकों के बीच विवादों की संभावना भी कम होगी। इस प्रावधान के माध्यम से सरकार ने किराएदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और उन्हें अनुचित किराया वृद्धि से बचाने का भरोसा दिलाया है।

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सुरक्षा जमा और अनुबंध नवीनीकरण के नए नियम

New Rent Act 2025 के तहत सुरक्षा जमा (Security Deposit) और अनुबंध नवीनीकरण (Lease Renewal) को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब घर मालिक सुरक्षा जमा को अनुचित तरीके से रोक या रिफंड नहीं कर सकते। कानून में स्पष्ट किया गया है कि जमा राशि केवल अनुबंध समाप्त होने पर उचित कटौती के बाद ही लौटाई जाएगी। इसके अलावा, किराएदारों को अनुबंध के नवीनीकरण में प्राथमिकता दी गई है और उन्हें नोटिस अवधि के भीतर समय पर निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा। यह बदलाव किराएदारों को मानसिक और आर्थिक सुरक्षा देता है। नए नियमों के अनुसार, किराएदार अनुबंध के नियमों के तहत अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं और मकान मालिक की मनमानी मांगों से बच सकते हैं। यह कदम किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

किराएदार शिकायत निवारण और कानूनी सहायता

नई रेंट एक्ट 2025 में किराएदारों के लिए शिकायत निवारण (Tenant Grievance Redressal) प्रणाली का प्रावधान किया गया है। अब यदि किसी किराएदार के साथ अनुचित व्यवहार या अनुबंध उल्लंघन होता है, तो वह सीधे स्थानीय रेंट ट्रिब्यूनल में अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। कानून के तहत शिकायत का समाधान तय समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, किराएदारों को कानूनी सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। यह प्रावधान खासकर उन किराएदारों के लिए फायदेमंद है जो पहली बार किराया ले रहे हैं या जिनके पास कानूनी ज्ञान सीमित है। इसके माध्यम से किराएदारों को न्याय और सुरक्षा की गारंटी मिलती है।

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किराएदार की बहाली और निष्कासन पर नियंत्रण

New Rent Act 2025 के तहत किराएदार की बहाली (Eviction Protection) और निष्कासन (Eviction) के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब मकान मालिक किराएदार को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बेदखल नहीं कर सकते। निष्कासन की स्थिति में, किराएदार को पर्याप्त नोटिस और सुनवाई का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, किसी भी आपातकालीन स्थिति या गैरकानूनी तरीके से बेदखली रोकने के लिए कानूनी प्रावधान मजबूत किए गए हैं। यह बदलाव किराएदारों को मानसिक शांति और आवास की सुरक्षा प्रदान करता है।

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