New E Shram Card Registrations – ई-श्रम कार्ड भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र से जुड़े मजदूरों, श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स, घरेलू कामगारों, दिहाड़ी मजदूरों, निर्माण श्रमिकों, रिक्शाचालकों, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, दर्जी, कृषि मजदूर और अन्य कामगारों को एक ही प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करके सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना है। इस कार्ड की मदद से श्रमिकों को भविष्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा कवरेज, बीमा योजनाएं, दुर्घटना लाभ और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच मिल सकती है।

E-Shram Card क्या है और इसके मुख्य फायदे
ई-श्रम कार्ड एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर आधारित पहचान कार्ड है, जो श्रमिकों के लिए भविष्य का *National Database* तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके माध्यम से सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को ट्रैक कर सकती है और उनके लिए महत्वपूर्ण बीमा, पेंशन, स्वास्थ्य एवं रोजगार सुरक्षा योजनाएं लागू कर सकती है। इसके तहत श्रमिकों को *PM Suraksha Bima Yojana* जैसे बीमा लाभ भी मिल सकते हैं, जिसमें दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा, सरकार के पास डेटा उपलब्ध होने से भविष्य में रोजगार अवसर, कौशल विकास प्रोग्राम, सामाजिक सहायता एवं आर्थिक पैकेज सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना आसान होगा। यह कार्ड देशभर में मान्य है और श्रमिक नौकरी बदलने के बाद भी उसी कार्ड के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकता है।
नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें
यदि कोई मजदूर ई-श्रम कार्ड बनवाना चाहता है, तो वह आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकता है। प्रक्रिया सरल है और इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा बैंक खाते की जानकारी होना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन के समय OTP सत्यापन के माध्यम से पहचान प्रमाणित की जाती है और सफल रजिस्ट्रेशन के बाद 12 अंकों वाला यूनिक UAN नंबर जारी किया जाता है, जिसे डाउनलोड और प्रिंट भी किया जा सकता है। कुछ राज्यों में CSC केंद्रों, जनसुविधा केंद्रों और पंचायत भवनों से भी ऑफलाइन सहायता प्राप्त की जा सकती है। रजिस्ट्रेशन के बाद व्यक्ति अपनी प्रोफ़ाइल को अपडेट कर सकता है और कौशल, रोजगार या अन्य विवरण जोड़कर नौकरी एवं प्रशिक्षण अवसरों के लिए आवेदन भी कर सकता है।
₹1000 सहायता योजना की संभावनाएं
हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा है कि श्रमिकों को ₹1000 मासिक आर्थिक सहायता मिल सकती है, लेकिन इसके लिए पात्रता, राज्य नियम, बजट और सरकारी नोटिफिकेशन महत्वपूर्ण पहलू हैं। कुछ राज्य पहले से ही श्रमिक पंजीकरण या बोर्ड सदस्यता के आधार पर वित्तीय सहायता या मजदूर कल्याण राशि प्रदान करते हैं, जैसे निर्माण श्रमिक बोर्ड लाभ, मातृत्व सहायता, शिक्षा सहायता या आवास सहायता। इसलिए श्रमिकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी लाभ की पुष्टि आधिकारिक सरकारी पोर्टल, नोटिस या राज्य-स्तरीय मजदूर बोर्ड कार्यालय के माध्यम से ही करें। किसी भी अनौपचारिक वायरल मैसेज या अफवाह पर निर्भर न रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही अपडेट प्राप्त करें।
किन लोगों को अधिक लाभ मिल सकता है
उन श्रमिकों को सबसे अधिक लाभ मिल सकता है, जो असंगठित क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रहे हैं और जिनके पास स्थायी आय का कोई निश्चित साधन नहीं है। इसके अलावा वे श्रमिक भी लाभार्थी हो सकते हैं, जिनके पास आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता और आधार लिंकिंग पूरी है। यदि भविष्य में सरकार वित्तीय सहायता को औपचारिक रूप देती है, तो दिहाड़ी मजदूर, महिला श्रमिक, दिव्यांग, विधवा श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर और निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी प्राथमिकता में आ सकते हैं। साथ ही, भविष्य में इस कार्ड का उपयोग स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और कौशल विकास जैसी सेवाओं में भी किया जा सकता है, जिससे लाखों श्रमिकों की सामाजिक आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
