IMD Rain Alert – मौसम विभाग (IMD) ने आज से देश के कई हिस्सों में लगातार चार दिनों तक भारी बारिश और तेज़ तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मौसम बिगड़ने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठ रही नमी मिलकर एक सक्रिय मौसमी प्रणाली बना रही है, जिसके चलते इन राज्यों में तेज़ हवाओं के साथ भारी वर्षा और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और बिजली गिरने के दौरान खुले में काम न करें।

प्रभावित राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य भाग, बिहार के उत्तरी जिले और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज़ बारिश की संभावना है। इन इलाकों में स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से उठी हवाएँ और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी अगले 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी चेतावनी
IMD ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है। समुद्र के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तटीय इलाकों में तेज़ हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊंची लहरों और तेज़ हवाओं से समुद्री स्थिति खतरनाक हो सकती है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। राज्य सरकारों को राहत दलों को तैयार रखने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम में बदलाव से जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश और तूफानों के कारण जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हो रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। किसानों की फसलें तेज़ बारिश से प्रभावित हो सकती हैं, खासकर धान और सब्ज़ियों की खेती वाले इलाकों में नुकसान की संभावना बढ़ गई है। शिक्षा विभाग ने भी कई जिलों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार नमी और गीले वातावरण के कारण मच्छरजनित बीमारियों में वृद्धि हो सकती है।
सावधानी और सुरक्षा के लिए मौसम विभाग की सलाह
IMD ने आम जनता को मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे आंधी या तूफान के दौरान खुले में न निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर धीरे चलने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। वहीं, किसानों और ग्रामीण इलाकों के निवासियों को बिजली कड़कने के समय खेतों से दूर रहने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक मौसम का यह प्रभाव बना रहेगा, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
