Haryana Lado Lakshmi Yojana 2025 – हरियाणा सरकार ने राज्य की बेटियों के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “लाड़ो लक्ष्मी योजना 2025” की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सरकार बेटियों को ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता देगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सकें। योजना का मुख्य उद्देश्य लिंग असमानता को कम करना और बेटियों के जन्म से लेकर उनके उच्च शिक्षा तक हर चरण में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। यह योजना राज्य के उन परिवारों के लिए विशेष रूप से बनाई गई है जिनकी आय सीमित है और जो अपनी बेटियों की शिक्षा का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है, जिससे अधिक से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें।

योजना का उद्देश्य और लाभ
हरियाणा लाड़ो लक्ष्मी योजना 2025 का प्रमुख उद्देश्य समाज में बेटियों की स्थिति को मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से बेटियों को न केवल आर्थिक सहायता दी जाएगी बल्कि उन्हें पढ़ाई और रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा। सरकार चाहती है कि कोई भी बेटी केवल आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। इस योजना के तहत सरकार चरणबद्ध तरीके से राशि प्रदान करेगी – जन्म के समय, स्कूल में प्रवेश पर, और फिर उच्च शिक्षा में नामांकन के समय। कुल मिलाकर ₹1 लाख तक की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा, योजना से राज्य में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को भी नया बल मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
लाड़ो लक्ष्मी योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो हरियाणा राज्य के स्थायी निवासी हैं। लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना के लिए आवेदन करने के लिए अभिभावकों को बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (PPP) और बैंक पासबुक की कॉपी जमा करनी होगी। आवेदन पोर्टल पर जाकर सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा। पात्रता की जांच के बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। आवेदन की स्थिति लाभार्थी पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके।
राशि वितरण और किस्तों का विवरण
हरियाणा सरकार इस योजना के तहत राशि को तीन किस्तों में वितरित करेगी। पहली किस्त ₹25,000 बेटी के जन्म के समय दी जाएगी, दूसरी किस्त ₹35,000 तब मिलेगी जब बेटी 10वीं कक्षा में दाखिला लेगी, और तीसरी व अंतिम किस्त ₹40,000 उच्च शिक्षा में नामांकन पर दी जाएगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि बेटी हर स्तर पर शिक्षा जारी रख सके और परिवार पर आर्थिक दबाव कम हो। राशि का सीधा हस्तांतरण DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार या बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त की जा सके। यह पारदर्शी प्रणाली राज्य सरकार की “डिजिटल हरियाणा” पहल को भी बढ़ावा देती है।
योजना से मिलने वाले सामाजिक लाभ
लाड़ो लक्ष्मी योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे समाज में बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होगी और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना से समान रूप से लाभ मिलेगा। बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के लिए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसर समान रूप से प्राप्त हों। इस योजना के चलते हरियाणा में बेटियों के जन्म अनुपात और स्कूल नामांकन दर में सुधार देखने को मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह योजना राज्य की सामाजिक प्रगति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
