Free Medicines to Senior Citizens – सरकार ने देशभर के बुजुर्गों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब Senior Citizens को घर बैठे दवाई देने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इस योजना का उद्देश्य बुजुर्गों को मुफ्त दवाई सेवा प्रदान करना है ताकि उन्हें अस्पताल या मेडिकल स्टोर तक जाने की परेशानी न झेलनी पड़े। खबरों के अनुसार, Final List तैयार की जा चुकी है और इसे जल्द ही लागू किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत हर जिले में Health Department टीम बनाई जा रही है जो घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों तक दवाइयां पहुंचाएगी। इस सेवा का लाभ मुख्य रूप से 60 वर्ष से ऊपर के उन लोगों को मिलेगा जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं या अकेले रहते हैं।

Free Medicine Scheme कैसे काम करेगी?
इस योजना के तहत सरकार एक Special Delivery System शुरू करने जा रही है जिसमें प्रत्येक पंजीकृत बुजुर्ग की स्वास्थ्य स्थिति का डेटा डिजिटल रूप में दर्ज होगा। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां सीधे घर के पते पर पहुंचाई जाएंगी। इस प्रक्रिया में Health Department, स्थानीय अस्पताल और फार्मेसी एक साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के Senior Citizens को समान लाभ मिले। इसके लिए मोबाइल एप और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जा सकते हैं जिससे दवाइयों की Tracking और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
कौन-कौन होंगे पात्र?
इस योजना के लिए पात्रता सूची लगभग तय कर दी गई है। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक, बीपी, डायबिटीज, अस्थमा, और हार्ट डिजीज से पीड़ित मरीज शामिल हैं। जिनके पास आय प्रमाणपत्र या पेंशन कार्ड है, वे आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार यह भी देख रही है कि बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता दी जाए ताकि कोई भी आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिक दवाइयों से वंचित न रहे। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ाएगी बल्कि बुजुर्गों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी।
योजना का उद्देश्य और लाभ
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी Senior Citizen बिना दवाई के न रहे। घर बैठे Free Medicines से बुजुर्गों को राहत मिलेगी और उन्हें अस्पतालों में लंबी लाइनों से बचाया जा सकेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में Transparency और Efficiency दोनों आएगी। साथ ही, इससे बुजुर्गों की Life Expectancy बढ़ेगी और उनके स्वास्थ्य पर निगरानी भी आसान होगी। इस योजना से लाखों बुजुर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या अकेले रहते हैं।
अंतिम तैयारी और लागू होने की तारीख
सूत्रों के अनुसार, Final List तैयार की जा चुकी है और योजना का ट्रायल कई राज्यों में शुरू हो चुका है। संभव है कि इसे दिसंबर 2025 तक पूरे देश में लागू कर दिया जाए। दवाइयां सरकारी अस्पतालों और अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से वितरित की जाएंगी। हर जिले में एक Monitoring Team भी बनाई जाएगी जो यह सुनिश्चित करेगी कि दवाइयां समय पर बुजुर्गों तक पहुंचे। यह कदम भारत में बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।
