EPFO Announcement – देशभर के प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने ऐलान किया है कि जल्द ही कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन दोनों में बढ़ोतरी की जाएगी। इस फैसले से करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा, जो लंबे समय से वेतनवृद्धि और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे। खबरों के मुताबिक, नई व्यवस्था 1 दिसंबर 2025 से लागू हो सकती है। EPFO का यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा बल्कि पेंशनधारकों को भी अतिरिक्त लाभ देगा। खास बात यह है कि इस बार EPFO की ब्याज दर और सैलरी लिमिट दोनों में संशोधन की संभावना है, जिससे निजी क्षेत्र में काम करने वालों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

EPFO का बड़ा ऐलान: अब सैलरी और पेंशन दोनों बढ़ेंगे
EPFO ने हाल ही में अपनी बैठक में यह निर्णय लिया कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन राशि को बढ़ाया जाएगा। यह फैसला निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। वर्तमान में जो कर्मचारी 15,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर EPF का लाभ ले रहे हैं, उनकी सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये तक करने पर विचार चल रहा है। इससे उनके PF योगदान और भविष्य की पेंशन राशि दोनों में वृद्धि होगी। EPFO का कहना है कि यह सुधार ‘समग्र कर्मचारी कल्याण योजना’ के तहत किया जा रहा है, जिससे देश के हर श्रमिक वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा सके। इस नई नीति से पेंशन में भी 30% तक का इजाफा संभव है।
कर्मचारियों की जेब में आएगा ज्यादा पैसा: तारीख तय
सूत्रों के मुताबिक, नई सैलरी और पेंशन सुधार योजना 1 दिसंबर 2025 से लागू होने की पूरी संभावना है। इससे पहले EPFO बोर्ड ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नई सैलरी लिमिट लागू होने के बाद कर्मचारियों की मासिक इन-हैंड सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि सरकार PF ब्याज दर को 8.25% तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। निजी कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में समान अनुपात से वृद्धि करनी होगी। यह कदम खासतौर पर मिड-लेवल और लो-इनकम कर्मचारियों के लिए राहत लाएगा, जिन्हें अब तक सीमित पेंशन और सैलरी का लाभ मिल रहा था।
पेंशनधारकों के लिए भी खुशखबरी: बढ़ेगी मासिक राशि
EPFO के इस फैसले से पहले से पेंशन ले रहे लाभार्थियों के लिए भी अच्छी खबर है। जो लोग कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन पा रहे हैं, उनकी मासिक राशि में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रिटायर लोगों की आर्थिक निर्भरता कम होगी और वे बेहतर जीवन स्तर का आनंद ले सकेंगे। EPFO ने कहा है कि यह बढ़ोतरी लागत महंगाई और औसत वेतन वृद्धि को ध्यान में रखकर की जाएगी। पेंशनर यूनियनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे ‘साल का सबसे बड़ा रिफॉर्म’ बताया है।
सरकार और कर्मचारियों दोनों के लिए फायदेमंद कदम
EPFO का यह कदम न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि सरकार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे कर्मचारियों की बचत और खर्च करने की क्षमता दोनों में इजाफा होगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी। वहीं सरकार को टैक्स रेवेन्यू में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। निजी क्षेत्र के HR विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार कार्यस्थल पर कर्मचारियों की संतुष्टि और उत्पादकता को भी बढ़ाएगा। इस फैसले के बाद भारत में रोजगार क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और निजी कंपनियों में वेतन पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। अब उम्मीद की जा रही है कि EPFO जल्द ही इस योजना की औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा।
