EPF Deduction New Rule: PF में कितनी होगी कटौती, नए नियम से इन हैंड सैलरी पर कितने रुपये तक का होगा असर?

EPF Deduction New Rule – EPF Deduction New Rule: PF में कितनी होगी कटौती, नए नियम से इन हैंड सैलरी पर कितने रुपये तक का होगा असर? इस नए अपडेट ने हर सैलरीड कर्मचारी को सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि PF कटौती सीधे इन-हैंड सैलरी पर असर डालती है। सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियम का उद्देश्य कर्मचारियों की रिटायरमेंट सुरक्षा को और मजबूत करना है, लेकिन इसके साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि इसका मासिक वेतन पर कितना प्रभाव पड़ेगा। EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल होता है, और नई पॉलिसी के तहत बेसिक सैलरी और DA के प्रतिशत के आधार पर कटौती की राशि बदलेगी।

EPF Deduction New Rule
EPF Deduction New Rule

EPF नए नियम का पूरा विवरण

EPF के नए नियम को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि PF का योगदान बेसिक सैलरी और डीए (DA) पर आधारित होता है। नए नियम के बाद कई कर्मचारियों की कटौती बढ़ सकती है क्योंकि सरकार ने PF के तहत कवर होने वाले वेतन की कैलकुलेशन को ज्यादा पारदर्शी और समान बनाया है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी पहले 12,000 रुपये मानी जाती थी, लेकिन उसकी वास्तविक बेसिक 18,000 रुपये है, तो PF योगदान अब 18,000 पर कैलकुलेट होगा। इस कारण PF राशि बढ़ेगी, और इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम होगी।

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इन-हैंड सैलरी पर कितना असर पड़ेगा?

जब PF योगदान बढ़ता है, तो इसका सीधा असर इन-हैंड सैलरी पर पड़ता है। जो कर्मचारी पहले कम बेसिक पर PF कटवा रहे थे, उन्हें अब अधिक वास्तविक बेसिक और DA के आधार पर कटौती देनी होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है और पहले PF 12,000 पर कट रहा था, तो PF कटौती लगभग 2,400 रुपये से बढ़कर 3,600 रुपये तक हो सकती है। इससे हर महीने इन-हैंड सैलरी 1,000 से 1,500 रुपये तक कम हो सकती है। हालांकि, इस बढ़ी हुई कटौती का फायदा भी है—PF में जमा राशि बढ़ने से ब्याज और पेंशन के लाभ भी बढ़ जाते हैं। इसलिए, यह नियम उन कर्मचारियों के लिए लंबी अवधि में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है जो रिटायरमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता देते हैं।

किस सैलरी स्लैब पर कितना PF कटेगा?

सैलरी स्लैब के अनुसार PF कटौती अलग-अलग प्रभावित होगी। कम सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए, जहां बेसिक सैलरी 12,000–15,000 रुपये के बीच होती है, वहां PF योगदान में मामूली बदलाव आएगा। लेकिन मिड और हाई सैलरी वालों के लिए प्रभाव ज्यादा होगा क्योंकि उनकी बेसिक अधिक होने के कारण PF राशि भी अधिक कटेगी। उदाहरण के लिए, जिनकी बेसिक सैलरी 25,000–30,000 रुपये है, उन्हें 500–2,000 रुपये तक इन-हैंड सैलरी में कमी देखनी पड़ सकती है। यह बदलाव आपकी CTC स्ट्रक्चर, नियोक्ता की पॉलिसी और EPF के तहत कवर होने वाली सैलरी पर भी निर्भर करेगा। इसलिए हर कर्मचारी को अपने वेतन स्ट्रक्चर की जांच कर लेनी चाहिए ताकि PF कटौती को सही तरह समझा जा सके।

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नए नियम का फायदा और नुकसान

नए EPF नियम के कई फायदे और कुछ चुनौतियां भी हैं। फायदा यह है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और मजबूत होगी। PF में ज्यादा पैसे जाने से ब्याज भी अधिक मिलेगा और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अलावा सरकार ने यह नियम इसलिए लागू किया है ताकि सभी कर्मचारियों के बीच PF योगदान में समानता बनी रहे और कोई भी कृत्रिम रूप से कम बेसिक दिखाकर कम PF न कटवा सके।

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