टिकट का पूरा रिफंड मिनटों में! ट्रेन लेट होने पर ऐसे उठा सकते हैं फायदा

Train Ticket Refund – भारतीय रेलवे रोजाना लाखों यात्रियों की यात्रा जरूरतों को पूरा करता है, लेकिन कई बार ट्रेनों के लेट होने की वजह से यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ती है। ऐसे में ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि ट्रेन काफी समय तक लेट होने पर वे टिकट का पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। कई यात्री नुकसान सहने की बजाय टिकट को कैंसल नहीं करते या बिना रिफंड के यात्रा छोड़ देते हैं। लेकिन आज के डिजिटल समय में रेलवे ने ऐसी सुविधाएं दी हैं जिसके तहत आप बिना किसी लंबी प्रक्रिया के, सिर्फ कुछ मिनटों में रिफंड का फायदा उठा सकते हैं।

Train Get Refund
Train Get Refund

ट्रेन लेट होने पर रिफंड का अधिकार कैसे मिलता है

जब ट्रेन निर्धारित समय के मुकाबले काफी देर तक लेट हो जाती है और यात्री अपनी यात्रा आगे जारी नहीं करना चाहते, तब उन्हें रिफंड पाने का अधिकार मिलता है। यह सुविधा मुख्य रूप से तभी लागू होती है जब यात्री समय पर स्टेशन पहुंच चुके हों और उनके पास वैध टिकट हो। अगर ट्रेन की देरी आधिकारिक रूप से घोषित की गई है और यात्री यात्रा छोड़ने का निर्णय लेते हैं, तो वे रेलवे से रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में कुछ दिशा-निर्देश लागू होते हैं, जैसे कि टिकट का प्रकार, यात्रा प्रारंभ समय, ट्रेन का रूट और यात्री की पहचान का सत्यापन।

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ऑनलाइन टिकट होने पर रिफंड कैसे प्राप्त करें

अगर टिकट ऑनलाइन बुक किया गया है, जैसे कि IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से, तो रिफंड प्रक्रिया और भी सरल और तेज हो जाती है। यात्री को ट्रेन की देरी की पुष्टि होने पर अपने IRCTC अकाउंट में जाकर रिफंड रिक्वेस्ट करनी होती है। इसके तहत टिकट को TDR (Ticket Deposit Receipt) के माध्यम से फाइल किया जाता है, जिसमें ट्रेन लेट होने का कारण दर्ज करना होता है। एक बार प्रक्रिया स्वीकार होने पर रिफंड सीधे उसी बैंक अकाउंट या वॉलेट में वापस भेज दिया जाता है, जिससे बुकिंग की गई थी। ध्यान रखना आवश्यक है कि TDR समय सीमा के भीतर फाइल की जानी चाहिए, अन्यथा रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। यदि यात्री की यात्रा शुरू ही नहीं हुई और ट्रेन बहुत देर तक लेट है, तो पूरा रिफंड मिल सकता है। इसलिए डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करते समय सही स्टेप्स समझना आवश्यक है।

काउंटर टिकट पर रिफंड की प्रक्रिया

यदि टिकट रेलवे काउंटर से खरीदा गया है, तो यात्री को स्टेशन पर मौजूद काउंटर या संबंधित अधिकारी से संपर्क करना होता है। यात्रा शुरू होने के निर्धारित समय के करीब यदि ट्रेन काफी देर तक लेट रहती है, तो यात्री टिकट के साथ अपनी पहचान दिखाकर रिफंड क्लेम कर सकते हैं। स्टेशन मास्टर या रेलवे कर्मी टिकट पर आवश्यक सत्यापन कर प्रक्रिया पूरी करते हैं। कई मामलों में, रिफंड वहीं पर मिल जाता है या प्रक्रिया पूरी होने पर बाद में प्राप्त होता है।

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रिफंड लेते समय किन बातों का रखें ध्यान

रिफंड प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। सबसे पहले ट्रेन की देरी की आधिकारिक पुष्टि रेलवे की तरफ से होनी चाहिए। दूसरा, यात्री को यात्रा शुरू नहीं करनी चाहिए और टिकट की स्थिति वैध होनी चाहिए। ऑनलाइन बुकिंग में TDR सही समय पर दर्ज करना जरूरी है, जबकि काउंटर टिकट के लिए तुरंत रेलवे के अधिकृत अधिकारियों से संपर्क करें। यात्री को हमेशा अपने पहचान दस्तावेज, टिकट और यात्रा विवरण सुरक्षित रखना चाहिए ताकि सत्यापन में कोई समस्या न आए। इसके अलावा, किसी भी परिस्थिति में अनौपचारिक या अवैध तरीके से रिफंड पाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सभी नियमों का पालन करते हुए समय पर प्रक्रिया पूरी करने से आपको बिना परेशानी का पूरा फायदा मिल सकता है।

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