Income Tax Notice – आयकर विभाग आज के समय में हर वित्तीय लेन-देन पर पैनी नजर रखता है। अगर आप सोचते हैं कि केवल एफडी (Fixed Deposit) कराने से ही आप सुरक्षित हैं और टैक्स नोटिस नहीं आएगा, तो यह सोच गलत हो सकती है। कई बार कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां या संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो जाते हैं, जिनकी जानकारी सीधे आयकर विभाग तक पहुंच जाती है। खासतौर पर जब आपका पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और अन्य वित्तीय गतिविधियां आपस में लिंक होती हैं, तब किसी भी असामान्य मूवमेंट पर अलर्ट जनरेट हो जाता है। बार-बार बड़ी नकद जमा, बिना स्रोत के पैसे का ट्रांसफर, या अचानक बड़ी एफडी करना आपको नोटिस के दायरे में ला सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप हर वित्तीय ट्रांजैक्शन सोच-समझकर करें और उसका सही रिकॉर्ड भी रखें।

बड़ी नकद जमा और निकासी से बचें
अगर आप बार-बार बड़ी मात्रा में नकद जमा या निकासी करते हैं, तो यह सीधे आयकर विभाग की नजर में आ सकता है। बैंक अपने सिस्टम के जरिए ऐसी ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग करता है, जो असामान्य या तय सीमा से अधिक होती हैं। कई लोग सोचते हैं कि अलग-अलग तारीखों में पैसा जमा करने से बात छिप जाएगी, लेकिन टेक्नोलॉजी के जमाने में ऐसा होना लगभग नामुमकिन है। जब आपका डेटा पैन कार्ड और आधार से जुड़ा होता है, तब हर मूवमेंट ट्रैक किया जा सकता है। अगर आप बिना किसी ठोस वजह के बार-बार नकद जमा करते हैं, तो आपसे उसके स्रोत के बारे में पूछा जा सकता है।
एक साथ कई FD और संदिग्ध निवेश
कुछ लोग टैक्स बचाने या पैसे छुपाने की नीयत से अलग-अलग बैंकों में कई छोटी एफडी करा देते हैं। लेकिन यह तरीका अब ज्यादा सुरक्षित नहीं रहा। आयकर विभाग के पास अब एक ऐसा सिस्टम है, जो सभी बैंकों से जुड़ी जानकारी को एक जगह इकट्ठा करता है। अगर आपके नाम पर अलग-अलग जगहों पर एफडी नजर आती है और आपकी आय के अनुसार वह उचित नहीं लगती, तो नोटिस भेजा जा सकता है। कई बार लोग रिश्तेदारों के नाम पर भी एफडी करा देते हैं, लेकिन अगर पैसे का स्रोत आपसे जुड़ता है, तो सवाल आपसे ही किए जाएंगे।
अकाउंट में अचानक बड़ी रकम का आना
अगर आपके बैंक अकाउंट में अचानक बहुत बड़ी रकम आ जाती है, तो यह आयकर विभाग के लिए एक रेड फ्लैग हो सकता है। कई बार लोग इसे गिफ्ट या उधार बताने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर उसके पीछे कोई कानूनी और वैध कागजात नहीं हैं, तो मामला बिगड़ सकता है। गिफ्ट लेने और देने के भी नियम होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर आपके अकाउंट में आई रकम आपकी नियमित आय से मेल नहीं खाती, तो आपसे इसका स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। खासकर त्योहारों या किसी खास मौके पर लोगों के अकाउंट में बड़ी एंट्री होती है, जो जांच के दायरे में आ सकती है।
इनकम छुपाना और गलत जानकारी देना
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है अपनी सही आय को छुपाना या गलत जानकारी देना। बहुत से लोग सोचते हैं कि एफडी का ब्याज छोटा है, इसलिए उसे इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाने की जरूरत नहीं है। लेकिन यही छोटी गलती आपको बड़े नोटिस की ओर ले जा सकती है। बैंक आपकी एफडी के ब्याज की जानकारी पहले ही सरकार को दे देता है। जब यह जानकारी आपके रिटर्न से मेल नहीं खाती, तब तुरंत नोटिस भेज दिया जाता है। इसलिए हमेशा अपनी हर इनकम, चाहे वह ब्याज हो, किराया हो या किसी और स्रोत से हो, सभी की सही जानकारी रिटर्न में दें।
