EPFO Pension Formula – EPFO Pension Formula में बदलाव को लेकर जो चर्चाएँ इस समय चल रही हैं, वे हर कर्मचारी के भविष्य को पूरी तरह बदल सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ऐसा नया EPFO Pension Formula लाने पर विचार कर रही है जिससे पेंशन की गणना का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। अभी तक पेंशन की राशि औसत सैलरी और सर्विस के वर्षों पर आधारित होती है, लेकिन प्रस्तावित बदलाव में contribution-based model लाने की बात कही जा रही है। इसका मतलब है कि जितना ज्यादा योगदान कर्मचारी करेगा, उतनी ही अधिक पेंशन मिलेगी। अगर ये बदलाव लागू हो गया, तो lower-income workers को बड़ी राहत मिल सकती है, जबकि उच्च आय वाले कर्मचारियों के लिए भी ये प्रणाली बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकती है। इस बदलाव से लाखों EPFO सदस्य प्रभावित होंगे और यह एक historic pension reform साबित हो सकता है।

नए फॉर्मूले से पेंशन में बड़ा अंतर संभव
अगर सरकार नया EPFO pension calculation formula लागू करती है, तो मौजूदा रिटायर्ड कर्मचारियों और आने वाले रिटायर होने वालों के लिए यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। सूत्रों के अनुसार, इस नए मॉडल में पेंशन का निर्धारण सैलरी की पूरी अवधि के औसत पर नहीं बल्कि आखिरी कुछ वर्षों की आय पर किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को अपने करियर के अंत में मिलने वाले प्रमोशन और इंक्रीमेंट का सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, government pension contribution को भी बढ़ाने की सिफारिश की जा रही है ताकि पेंशन की रकम पहले से ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद बने। यह बदलाव EPFO के 7 करोड़ से ज्यादा खाताधारकों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
पुरानी पेंशन योजना की वापसी की मांग तेज
नए फॉर्मूले की चर्चा के बीच Old Pension Scheme की मांग भी फिर से तेज हो गई है। कई कर्मचारी संगठन कह रहे हैं कि अगर सरकार नया EPFO मॉडल लागू करती है, तो OPS के कुछ फीचर्स इसमें शामिल किए जाने चाहिए ताकि कर्मचारियों को निश्चित लाभ मिल सके। नई प्रणाली के तहत, रिटायरमेंट के बाद पेंशन market-linked return पर आधारित हो सकती है, जिससे पेंशन की रकम में हर साल अंतर देखा जा सकता है। यह बदलाव वित्तीय रूप से मजबूत कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगा, लेकिन कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए थोड़ा जोखिमभरा भी साबित हो सकता है। हालांकि सरकार की मंशा साफ है कि वह एक sustainable pension system बनाना चाहती है जो आने वाले दशकों तक स्थिर रहे।
सभी सेक्टर के कर्मचारियों पर असर
अगर यह नया EPFO pension reform लागू होता है, तो इसका असर केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा। खासकर छोटे शहरों और प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले वर्कर्स को अपने योगदान और पेंशन के बीच नए संतुलन को समझना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार कर्मचारियों को long-term financial planning के लिए प्रेरित करेगा।
सरकार की योजना और अगला कदम
सूत्रों के अनुसार, श्रम मंत्रालय इस नए EPFO Pension Formula पर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे दिसंबर 2025 तक कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह बदलाव अगले वित्त वर्ष से लागू किया गया, तो यह अब तक का सबसे बड़ा सामाजिक सुधार होगा। सरकार चाहती है कि सभी कर्मचारियों को एक समान और पारदर्शी पेंशन प्रणाली मिले। इस पहल के साथ, सरकार financial inclusion और सामाजिक सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है। यदि यह फॉर्मूला सफल होता है, तो यह करोड़ों भारतीय कर्मचारियों के लिए एक lifetime stability plan बन जाएगा।
